हे राम रमैया वो कृष्ण कन्हैया वो वही मेरा इश है. हे राम रमैया वो कृष्ण कन्हैया वो वही मेरा इश है.
सिर सहला कर मम्मी बोली सुनो लगाकर ध्यान घर का केवल भोजन करना लो इतना संज्ञान, ये लो सिर सहला कर मम्मी बोली सुनो लगाकर ध्यान घर का केवल भोजन करना लो इतना सं...
प्यार के साथ साथ थोड़ा दिमाग भी है तो कितना अच्छा लगता है ना प्यार के साथ साथ थोड़ा दिमाग भी है तो कितना अच्छा लगता है ना
मिलकर उससे लगता है, जैसे खुद से मिलने लगा हूं। मिलकर उससे लगता है, जैसे खुद से मिलने लगा हूं।
गले से लगा लो न कि धड़कनें बेचैन हैं, तुम्हें महसूस करने को । गले से लगा लो न कि धड़कनें बेचैन हैं, तुम्हें महसूस करने को ।
तुम हरा रंग मुझको ही लगा दो मैं केसरी रंग लगाऊँ तुम्हें, तुम प्रेम का गीत सुनाओ क तुम हरा रंग मुझको ही लगा दो मैं केसरी रंग लगाऊँ तुम्हें, तुम प्रेम का ...